उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर िंसंह ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निर्माणाधीन परियोजनाओं को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय में पूरा कर लें। उन्होंने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में कम समय बचा है इस लिए युद्धस्तर पर कार्य करते हुए पर्यटन विकास से संबंधित निर्माणाधीन परियोजनाओं को पूरा किया जाए, जिससे इसका लाभ समय से आम जनता को प्राप्त हो सके। इसके अलावा प्रदेश मे आने वाले पर्यटकों को आसानी हो और पर्यटन को बढ़ावा मिले। उन्होंने निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अधोमानक सामग्री का उपयोग पाये जाने पर संबंधित कार्यदायी संस्था एवं पर्यवेक्षण करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।
पर्यटन मंत्री आज गोमती नगर स्थित पर्यटन विभाग के सभागार में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की लम्बित परियोजनाओं की विस्तार से समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिया कि घटिया सामग्री का उपयोग पाये जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बैठक में मुख्यमंत्री पर्यटन विकास सहभागिता योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि इसमें किसी प्रकार का विलम्ब बर्दास्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने वाराणसी मण्डल में कई घाटों एवं मार्गों के सौन्दर्यीकरण कार्य को यथाशीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।
जयवरीर सिंह ने गोरखपुर में विभाग द्वारा क्रियान्वित परियोजनाओं, चित्रकूट में गणेश बाग में लगने वाले म्यूजिकल फाउण्टेन तथा मिर्जापुर में विंध्याचल मंदिर की गलियों के सौन्दर्यीकरण के कार्य को समय से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में धार्मिक एवं अध्यात्मिक पर्यटन बहुत तेजी से बढ़ रहा है। अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर के लोकार्पण के बाद पूरे प्रदेश में श्रद्धालुओं एवं आगंतुकों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। राज्य सरकार आगंतुकों को बेहतर कनेक्टिविटी एवं अत्याधुनिक अवस्थापना सुविधाएं मुहैया कराकर पर्यटन को बढ़ाने पर जोर दे रही है।
जयवीर सिंह ने कहा कि पर्यटन सेक्टर में आमदनी, रोजगार, एवं निवेश की व्यापक संभावनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री का इस सेक्टर पर विशेष फोकस है। इसलिए संस्कृति एवं पर्यटन विभाग की निर्माणाधीन पर्यटन विकास की योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि बौद्धस्थली संकिसा के पर्यटन विकास संबंधी कार्यों को पूरा किया जाए। इसके अलावा वाराणसी में सारनाथ की परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए।
जयवीर सिंह ने कहा कि अयोध्या की सड़कों के साथ-साथ देवीपाटन में पर्यटन सुविधाओं का विकास पर विशेष जोर दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ईको-टूरिज्म और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए संचालित परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पर्यटक स्थलों को विश्व के नक्शे पर लाने का हरसंभव प्रयास किया जाए। ताकि भारत में आने वाला हर पर्यटक सबसे पहले उत्तर प्रदेश की ओर आए। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय लोगों को रोजगार प्राप्त होगा।
समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति मुकेश कुमार मेश्राम, विशेष सचिव पर्यटन ए0के0 पाण्डेय, निदेशक पर्यटन प्रखर मिश्रा के अलावा विभागीय अधिकारी, कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा जनपदों के अधिकारी भी उपस्थित थे।