बाराबंकी। कोतवाली बदोसरांय क्षेत्र में वन विभाग के कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया है।
ग्रामीणों के अनुसार,बीती रात्रि ठेकेदारों ने बिना किसी अनुमति के अद्रा गांव में प्रतिबंधित पेड़ काट दिए। इनमें 5 आम और एक नीम का पेड़ शामिल है। इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायत हजरतपुर में दो हरे आम के पेड़ काटे गए हैं। वहीं, खुर्दमऊ गांव में आधा दर्जन प्रतिबंधित पेड़ों की अवैध कटाई की गई है।
सूत्रों के अनुसार, ब्लॉक सिरौलीगौसपुर में बिना परमिट के तीन जामुन के पेड़ काटे गए हैं। तीन दिन पूर्व कस्बा बदोसरांय में भी पीएचसी के निकट एक विशाल महुआ का पेड़ लकड़हारे काटकर उठा ले गए। करोरा गांव में भी परमिट का हवाला देकर कई पेड़ों का अवैध कटान किया गया, मौके पर परमिट दिखाने से मना कर दिया गया। क्या सच्चाई है अधिकारी ही जान सकते हैं।
एक सप्ताह पूर्व भी अद्रा गांव में 4 आम के प्रतिबंधित पेड़ों को काटकर वन ठेकेदार उठा ले गए थे।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह अवैध कटाई रामनगर रेंज के जिम्मेदार अधिकारियों और उनके सहयोगियों की कथित मिलीभगत से हो रही है। सूचना देने पर अधिकारी अनजान बनकर जिम्मेदारी से बचते नजर आते हैं।
गौरतलब है कि वर्तमान में योगी सरकार पर्यावरण संरक्षण पर लाखों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन वन विभाग के कर्मचारी ही नियमों की अवहेलना कर रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारी कार्रवाई का आश्वासन देते हैं, परंतु कटान लगातार जारी है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बीते दिनों आई आंधी-तूफान के बाद लकड़हारे सक्रिय हो गए। उन्होंने कई पेड़ों को जेसीबी से गिरा दिया और पेड़ गिरने का हवाला देकर पेट्रोल मशीन से काटकर उठा ले गए। सड़क किनारे लगे कई पेड़ों को भी निशाना बनाया गया है जो जांच का विषय है।
इस संबंध में रामनगर रेंज के उप क्षेत्राधिकारी दीपक कुमार गौड़ ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
स्थानीय लोग दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
वहीं पर्यावरण संरक्षण समिति के अध्यक्ष ने बताया कि मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई कराई जाएगी।
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