बाराबंकी / रामनगर। जिले के ग्राम अंबौर में स्थित श्री ज्वालामुखी मंदिर के पुजारी *संत कुमार जी महाराज*पुजारी लालजी महाराज ने बताया कि यह ज्वालामुखी देवी का मंदिर 500 वर्ष पुराना है। यह माताजी हमारी जली माता से निकली हुई हैं, जिसके बाद यहां मंदिर की स्थापना कराई गई।
पुजारी जी ने बताया कि माता जी के दरबार में बहुत दूर-दूर से भक्त आते हैं और सबकी मनोकामना पूरी होती है। माता जी का जो स्नान कुंड (अभरण) है, उसका जल आंखों के लिए बहुत फायदेमंद है। मंदिर के दक्षिण में बना यह अभरण माता जी की कृपा से है, अष्टमी के दिन इसका जल स्वतः बढ़ जाता है।
मंदिर में जल रही अखंड ज्योति हिमाचल प्रदेश से लाई गई है, जो पिछले 4 साल से लगातार जल रही है। बड़े-बड़े भक्त बहुत दूर से आकर यहां से ज्योत ले जाते हैं। नवरात्रि में 9 दिन माता जी की जोत जलती है और अष्टमी पर विशेष पूजा-पाठ होता है।
पुजारी जी ने बताया कि मंदिर में पुलिस प्रशासन की व्यवस्था बहुत अच्छी है। आरती के समय सुबह 4 बजे पुलिस आ जाती है और शाम 8 बजे तक ड्यूटी पर रहती है, उसके बाद थाना प्रभारी सफदरगंज जांच करके करीब 9 बजे जाते हैं।