संवादाता मोहम्मद इसराईल शाह
गैडास-बुजुर्ग उतरौला (बलरामपुर) ऑनलाइन शॉपिंग में बाजारों के स्थानीय दुकानदारों का काम किया ठप, उतरौला के स्थानीय दुकान दार समय काट रहे हैं। बस एक्का दुक्का कस्टमर दुकानों पर चढ़ जाते हैं, नहीं तो न के बराबर समझे। पहले भारत के मेट्रो, शहरो फिर महानगरों और अब ग्रामीण इलाकों में खुद की जड़े मजबूत कर रहे हैं। ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते क्रेज ने स्थानीय खुदरा व्यापारियों की कमर तोड़कर रख दी है। और जीएसटी के जंजाल पिछले कई वर्षों से फल फूल रहे हैं। ऑनलाइन कारोबार से भले ही ग्राहक संतुष्ट हो रहे हो लेकिन इससे रिटेल बाजार को काफी प्रभावित किया है। बाजार में लाखों करोड़ों का इन्वेस्टमेंट करके बैठे दुकानदारों की स्थिति यह है कि कई को खर्चा निकलना मुश्किल हो रहा है। फेस्टिव सीजन के बाजार में उठने की उम्मीद है, लेकिन अमेजॉन फ्लिपकार्ड, मित्रा समेत और कई कंपनियों की ओर से मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक, कॉस्मेटिक, गैजेट गारमेंट व जूते समेत और कई चीजों पर लुभावने आफरों की चकाचौधं में खुदरा दुकानदारों की दिवाली कही कली न हो जाए, यह सबको यही डर सता रहा है।