भागवत कथा :कलश यात्रा के साथ भागवत कथा शुरू

 

कैसरगंज छेत्र के ग्राम कहराई में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर पुलिस बल की कड़ी सुरक्षा के साथ कस्बे में होकर भव्य कलश यात्रा निकाली गई। जिसमें महिला पुरुष बच्चों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। कलश यात्रा कथा स्थल से प्रारंभ होकर कस्बे के प्रमुख मार्गों से होती हुई बैंड बाजों,डी.जे. के साथ पुनः कथा स्थल पर पहुंची। जहां कथावाचक व्यास चन्द्रशेखर जी महाराज ने कथा के प्रथम दिन कथा के महत्व के बारे में बताया। कथा वाचक ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा देवताओं के लिए भी दुर्लभ है।
तभी परीक्षित जी की सभा में शुकदेव जी ने कथामृत के बदले में अमृत कलश नहीं लिया। ब्रह्माजी ने सत्यलोक में तराजू बाँध कर जब सब साधनों, व्रत, यज्ञ, ध्यान, तप, मूर्तिपूजा आदि को तोला तो सभी साधन तोल में हल्के पड़ गए और अपने महत्व के कारण भागवत ही सबसे भारी रहा। अपनी लीला समाप्त करके जब श्री भगवान निज धाम को जाने के लिए उद्यत हुए तो सभी भक्त गणों ने प्रार्थना कि हम आपके बिना कैसे रहेंगे। तब श्री भगवान ने कहा कि वे श्रीमद् भगवत में समाए हैं। यह ग्रन्थ शाश्वत उन्हीं का स्वरुप है। पठन-पाठन व श्रवण से तत्काल मोक्ष देने वाले इस महाग्रंथ को सप्ताह-विधि से श्रवण करने पर यह निश्चय ही भक्ति प्रदान करता है। इस अवसर आचार्य संजय शास्त्री जी महाराज पुजारी प्रेमराज डा. श्रीकांत यादव,रामफेरे बाबा,प्रधान सुरेश यादव, रोहित कुमार,प्रवेश कुमार राजेंद्र यादव, आदि सैकड़ों की संख्या में

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *