बाराबंकी में वन विभाग का बड़ा एक्शन! शिकायतों की जांच में मचा हड़कंप, कहीं कम मिले पेड़ तो कहीं शिकायत निकली झूठी!

 

बाराबंकी में वन विभाग की सक्रियता से क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है। लोगों की शिकायतों के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने कई स्थानों पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। जांच के दौरान कहीं शिकायत में बताए गए पेड़ों की संख्या से कम पेड़ मिले, तो कहीं शिकायत ही निराधार पाई गई। इस कार्रवाई ने वन विभाग की कार्यप्रणाली और शिकायतों की सत्यता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

मामला बाराबंकी के विभिन्न गांवों से जुड़ा है, जहां पेड़ों की संख्या को लेकर शिकायतें सामने आई थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एसडीओ सुदर्शन, डिप्टी रेंजर मनोज कुमार यादव और उनकी टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की।

जांच के दौरान सामने आए तथ्यों ने शिकायतों की तस्वीर काफी हद तक बदल दी।

वन विभाग की जांच में अलग-अलग स्थानों पर शिकायत और मौके पर मिली स्थिति के बीच अंतर सामने आया।

सिद्धौर: दो पेड़ों की शिकायत मिली थी, जांच के दौरान एक पेड़ पाया गया।

छोटा मझियावां: चार पेड़ों की शिकायत की गई थी, लेकिन मौके पर दो पेड़ मिले।

रामदीन पूर्व: जांच में शिकायत झूठी पाई गई।

ढेड़िया गांव: तीन पेड़ों की शिकायत थी, लेकिन मौके पर दो पेड़ मिले।

इन निष्कर्षों के बाद अब सवाल यह है कि आखिर शिकायतों में बताई गई संख्या और मौके पर मिली स्थिति में अंतर क्यों सामने आया? क्या शिकायतें गलत जानकारी के आधार पर की गई थीं, या मामले के पीछे कोई अन्य वजह है? इन सवालों का जवाब जांच के तथ्यों और आगे की कार्रवाई से ही स्पष्ट होगा।

इस पूरे मामले में डिप्टी रेंजर मनोज कुमार यादव ने स्पष्ट किया कि वन विभाग की जांच लगातार जारी रहेगी और यदि कोई दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में उनकी तैनाती के बाद से विरोधाभासी और निराधार शिकायतें किए जाने की स्थिति सामने आ रही है।

वन विभाग की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चाएं तेज हैं। हालांकि, किसी भी शिकायत को झूठा या किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने से पहले तथ्यों और जांच के निष्कर्षों को प्राथमिकता देना जरूरी है।

फिलहाल वन विभाग का कहना है कि जांच जारी रहेगी। अब देखना होगा कि आगे की पड़ताल में क्या तथ्य सामने आते हैं और यदि कहीं अनियमितता पाई जाती है, तो जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होती है।