17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक चलेगा ‘सेवा संकल्प अभियान’, प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों की जनसेवा को जन-जन तक पहुंचाने की व्यापक तैयारी

 

 

सेवा, सुशासन और विकास की उपलब्धियों को जनभागीदारी से जोड़कर ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को जनसंकल्प बनाएं : मा0 राज्य मंत्री श्री सतीश चन्द्र शर्मा

 

बाराबंकी, 10 सितम्बर। मा० राज्य मंत्री खाद्य एवं रसद श्री सतीश चन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट स्थित लोकसभागार में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों एवं रूपरेखा के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में अभियान के विभिन्न कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा करते हुए मा० राज्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के 25 वर्षों के सार्वजनिक एवं जनसेवा के कार्यकाल में सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण एवं विकास के क्षेत्र में हुए कार्यों को जन-जन तक पहुंचाया जाए। अभियान को व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप देते हुए युवा, महिला, किसान एवं समाज के प्रत्येक वर्ग को ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की उपलब्धियों को केवल आंकड़ों तक सीमित न रखते हुए लाभार्थियों के जीवन में आए वास्तविक बदलाव एवं सफलता की कहानियों को प्रभावी ढंग से आमजन के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।

 

‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत होंगे विभिन्न कार्यक्रम

 

सेवा दिवस-आशीर्वाद का दीया : 17 सितम्बर को सेवा गतिविधियों के साथ लाभार्थी परिवारों एवं प्रमुख स्थलों पर सायं 7 बजे दीप प्रज्ज्वलन किया जाएगा। साथ ही दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।

 

मेरे सपनों का भारत : 17 सितम्बर से 7 अक्टूबर तक विद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में चित्रकला, भाषण एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों एवं युवाओं को विकसित भारत एवं विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प से जोड़ा जाएगा।

 

नमो सेवा-अनकही कहानियां सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से प्रधानमंत्री जी के 25 वर्षों की सेवा, जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास की कहानी गांव-गांव और शहरों तक पहुंचाई जाएगी।

 

आंगन मिलन सेवा : 25 सितम्बर से 7 अक्टूबर तक आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियां, हेल्दी बेबी प्रतियोगिता तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाली आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं और लाभार्थियों के सम्मान कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

 

सेवा की कहानी विभिन्न योजनाओं एवं विकास परियोजनाओं से लाभान्वित लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव की वास्तविक कहानियों को रील एवं डिजिटल माध्यमों से व्यापक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा।

 

इन्फ्लुएंसर्स कनेक्ट : डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स, पॉडकास्टर्स एवं व्लॉगर्स के माध्यम से प्रदेश की प्रमुख विकास परियोजनाओं एवं परिवर्तनकारी कार्यों का प्रभावी प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

 

सेवा ज्योति कलश यात्रा : 7 अक्टूबर को सेवा ज्योति के साथ पैदल, साइकिल एवं बाइक रैलियां आयोजित कर ‘विकसित भारत 2047’ का सामूहिक संकल्प लिया जाएगा तथा प्रधानमंत्री जी के संबोधन का सजीव प्रसारण किया जाएगा।

 

सेवा मेरा योगदान: नागरिकों को रक्तदान, वृक्षारोपण, स्वच्छता, स्वास्थ्य जांच, शिक्षा सहयोग, जल संरक्षण, नशामुक्ति, दिव्यांगजन सहयोग एवं अन्य सेवा गतिविधियों से जोड़ते हुए व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

 

सेवा सेतु अभियान : प्रत्येक विकासखंड में बहुउद्देशीय सेवा शिविरों के माध्यम से पात्र नागरिकों को केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी एवं लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।

 

सेवा के रंग, राष्ट्र के संग: प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर मानव समूह रंगोली के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं, राष्ट्रीय प्रतीकों एवं ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना को प्रदर्शित किया जाएगा।

 

*सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज* : युवाओं, विद्यार्थियों, स्टार्टअप एवं इनोवेटर्स को नवाचार के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा एवं नए विचार प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान किया जाएगा।

 

सुशासन सेवा संवाद : 17 अक्टूबर को अभियान के समापन अवसर पर जनप्रतिनिधियों की भागीदारी के साथ प्रधानमंत्री जी के 25 वर्षों के सेवा कार्यकाल को समर्पित कार्यक्रम आयोजित कर ‘विकसित भारत 2047’ का सामूहिक संकल्प लिया जाएगा।

 

बैठक में मा० जिला पंचायत प्रशासक श्रीमती राजरानी रावत, मा० विधान परिषद सदस्य श्री अंगद सिंह, मा० विधायक कुर्सी श्री साकेंद्र प्रताप वर्मा, मा० विधायक हैदरगढ़ श्री दिनेश रावत, जिलाधिकारी श्री ईशान प्रताप सिंह, मुख्य विकास अधिकारी श्री अन्ना सुदन, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट श्री विद्यांशु शेखर झा, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री राम सिंह वर्मा सहित मा० ब्लॉक प्रमुखगण एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।