बाराबंकी: शौच के लिए गए ग्रामीण पर धारदार हथियारों से हमला, अब थाने से भगाने और हरिजन एक्ट में फंसाने की मिल रही धमकी

 

बाराबंकी। जनपद के कोतवाली असंद्रा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम टिकरा बबुआन में पुरानी रंजिश को लेकर एक ग्रामीण पर जानलेवा हमला करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित ने असंद्रा कोतवाली प्रभारी को लिखित शिकायती पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है, लेकिन पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

 

पुलिस को दिए शिकायती पत्र में ग्राम टिकरा निवासी हरीराम पाल पुत्र स्वर्गीय शिवशंकर पाल ने बताया कि बीते 7 जून 2026 की शाम करीब 6 बजे वह गांव के बाहर जंगल की तरफ शौच के लिए गए थे। तभी वहां पहले से घात लगाकर बैठे गांव के ही चेतु पुत्र छैवर रावत, व ननकऊ पुत्र छैवर और कुंवरचन्द्र पुत्र चैतू ने पुरानी रंजिश के चलते उन्हें अचानक चारों तरफ से घेर लिया।

 

पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने घेरते ही उन्हें गंदी-गंदी गालियां देना शुरू कर दिया। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने लाठी, डंडों और धारदार हथियार से उन पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में पीड़ित हरीराम पाल को गंभीर चोटें आई हैं। मारपीटी के दौरान जब पीड़ित ने शोर मचाया तो ग्रामीण इकट्ठा हो गए, जिन्हें देखकर आरोपी दोबारा मिलने पर गोली मारकर जान से मार देने की धमकी देते हुए फरार हो गए।

 

पीड़ित पक्ष का गंभीर आरोप है कि वे न्याय के लिए लगातार पुलिस प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें न्याय मिलना तो दूर, उलटे प्रताड़ित किया जा रहा है। पीड़ित का कहना है कि जब भी वह थाने जाते हैं, तो पुलिसकर्मी उन्हें भद्दी-भद्दी गालियां देकर वहां से भगा देते हैं।दूसरी ओर, बेखौफ घूम रहे विपक्षी गण पीड़ित परिवार को लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इतना ही नहीं, आरोपी पक्ष अब पीड़ित को झूठे ‘हरिजन एक्ट’ (SC/ST Act) के मुकदमे में फंसाने की साजिश रच रहा है और केस वापस न लेने पर बर्बाद करने की धमकी दे रहा है। पीड़ित परिवार अब खौफ के साए में जीने को मजबूर है और उन्होंने उच्चाधिकारियों से सुरक्षा व न्याय की गुहार लगाई है।