मरीजों को अस्पताल में उपलब्ध दवाएं ही उपलब्ध कराएं, बाहर की दवाएं लिखना स्वीकार्य नहीं: डीएम
अस्पताल परिसरों में कंडम एवं अनुपयोगी सामान न रहे, नियमानुसार कराएं निस्तारण: डीएम
बाराबंकी, 11 अगस्त 2026। जिलाधिकारी श्री ईशान प्रताप सिंह ने मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) देवा का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं एवं अस्पताल की व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखी।सीएचसी पहुंचते ही जिलाधिकारी ने सर्वप्रथम उपस्थिति पंजिका का अवलोकन किया। इसके बाद ओपीडी कक्ष में पहुंचकर चिकित्सकों द्वारा देखे गए मरीजों की संख्या तथा उन्हें दिए जा रहे उपचार के संबंध में जानकारी प्राप्त की। चिकित्सक द्वारा बताया गया कि अब तक लगभग 200 मरीजों को देखा जा चुका है। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि यथासंभव मरीजों को अस्पताल में उपलब्ध दवाएं ही उपलब्ध कराई जाएं। यदि किसी परिस्थिति में उपचार के लिए अस्पताल में उपलब्ध दवा से इतर किसी औषधि की आवश्यकता हो तो परिसर में संचालित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र में उपलब्ध जेनेरिक दवाएं ही लिखी जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में मरीजों को बाहर से दवा खरीदने के लिए विवश करना स्वीकार्य नहीं होगा।
निरीक्षण के दौरान अपने नवजात बच्चे को दिखाने आई श्रीमती प्रीति से जिलाधिकारी ने बातचीत कर बच्चे के उपचार तथा अस्पताल में मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने मरीजों से सीधे संवाद कर स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति का फीडबैक प्राप्त किया।अगले चरण में जिलाधिकारी ने एक्स-रे कक्ष, एएनसी कक्ष, बाल रोग विशेषज्ञ कक्ष एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ कक्ष का निरीक्षण किया। स्त्री रोग विशेषज्ञ कक्ष में उन्होंने इस माह सीएचसी में हुए प्रसवों की संख्या तथा संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
जिलाधिकारी ने पैथोलॉजी कक्ष पहुंचकर मरीजों के पंजीकरण एवं विभिन्न जांचों की प्रक्रिया का जायजा लिया। इस दौरान ब्लड टेस्ट के लिए उपस्थित विनय के पर्चे का भी अवलोकन किया। उन्होंने जांचों में प्रयुक्त होने वाले रिएजेंट की उपलब्धता के संबंध में जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि रिएजेंट का स्टॉक समाप्त होने से पहले ही उसकी मांग एवं आपूर्ति की प्रक्रिया सुनिश्चित कर ली जाए, ताकि जांच कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
इसके पश्चात जिलाधिकारी ने अस्पताल के वार्ड का निरीक्षण किया। उन्होंने भर्ती मरीजों मो. नाजिर, राममिलन एवं पूनम से बातचीत कर उनकी बीमारी, उपचार तथा अस्पताल में मिल रही सुविधाओं के संबंध में फीडबैक लिया। साथ ही उपस्थित चिकित्सक से मरीजों को दिए जा रहे उपचार की जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल के अभिलेखीय रख-रखाव का भी अवलोकन किया। अस्पताल में जन्म लेने वाले बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र जारी किए जाने की प्रक्रिया की जानकारी लेते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पताल में जन्म लेने वाले प्रत्येक बच्चे को नियमानुसार जन्म प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
अस्पताल परिसर के निरीक्षण के दौरान लंबे समय से अनुपयोगी पड़ी कंडम एम्बुलेंस के संबंध में जानकारी लेते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अनावश्यक रूप से स्क्रैप एवं कंडम सामग्री अस्पताल परिसर में पड़ी न रहे। उन्होंने कहा कि सीएचसी देवा के साथ-साथ जनपद के अन्य सभी अस्पतालों में पड़े कंडम एवं अनुपयोगी सामान का भी नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि अस्पताल परिसरों को व्यवस्थित, स्वच्छ एवं उपयोगी बनाए रखा जा सके।
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं में आवश्यक सुधार एवं व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराया जाय।निरीक्षण के दौरान सीएचसी अधीक्षक डॉ संजीव कुमार सहित संबंधित चिकित्सक एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।