जान मोहम्मद व्यौरो चीफ आर्दश उजाला जिला बलरामपुर।
ग्रामसभा में बड़े पैमाने पर खेला जा रहा है भ्रष्टाचार का खेल।
हैण्डपम्प रिबोर के नाम पर खर्च किया गया काफी मात्रा में सरकारी धन।
ग्रामसभा में कई नल अपनी बदहाली पर बहा रहे हैं आँसू।
ग्रामसभा में लोगों की नहीं मिल रहा स्वच्छ पानी।
सरकारी धन की बंदरबांट, ज़मीन पर काम पूरी तरह नदारद।
आरोप है कि नल रिवोरिंग (मरम्मत) के नाम पर लाखों रुपये का भुगतान तो करा लिया गया, लेकिन मौके पर न तो कोई मरम्मत हुई और न ही किसी तरह का कार्य दिखाई देता है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस घोटाले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से कई बार की गई, लेकिन अब तक न जांच हुई और न ही कोई कार्रवाई, जिससे अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।
क्या जिम्मेदार अधिकारी मौके पर जाकर सच्चाई की जांच करेंगे?
नल रिवोरिंग के नाम पर निकाली गई सरकारी राशि का हिसाब कौन देगा?
दोषियों पर कब गिरेगी प्रशासन की गाज?
यह मामला न सिर्फ सरकारी धन की बंदरबांट का है, बल्कि प्रशासनिक निगरानी तंत्र की गंभीर विफलता को भी उजागर करता है।
अब देखना यह है कि प्रशासन कब जागता है और जनता के पैसों की लूट पर कब लगाम लगती है।
यह मामला जनपद गोंडा के विकासखंड मुजेहना अंतर्गत ग्राम पंचायत उज्जैनी कला का है।