अन्नदाता की ताकत के आगे झुका प्रशासन: बाराबंकी में भाकियू भदौरिया के पैदल मार्च से हिला प्रशासनिक अमला, मौके पर पहुंचे SDM और थानाध्यक्ष!

 

भारतीय किसान यूनियन भदौरिया संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर हाकिम सिंह भदौरिया व जिला अध्यक्ष ठाकुर रविंद्र कुमार सिंह के निर्देशानुसार शुरू हुआ एकदिवसीय धरना प्रदर्शन।

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर! जब तहसील और ब्लॉक के जिम्मेदार अधिकारियों ने किसानों की मांगों को अनसुना किया, तो तपती धूप में सड़कों पर जनसैलाब उतर आया। भारतीय किसान यूनियन भदौरिया के बैनर तले, महिलाओं और कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय की तरफ पैदल कूच कर प्रशासन की नींद उड़ा दी है!”

“यह पूरा मामला बाराबंकी के तहसील और ब्लॉक सिरौलीगौसपुर के अंतर्गत आने वाले थाना सफदरगंज क्षेत्र का है। जहां भारतीय किसान यूनियन भदौरिया के जिलाध्यक्ष की अगुवाई में परसा तिराहे पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन शुरू हुआ। किसानों की यह मांग किसी एक विभाग से नहीं, बल्कि पूरे 10 सूत्रीय बिंदुओं पर आधारित थी।”

“किसानों का सीधा आरोप है कि इस क्षेत्र में वन विभाग, बिजली विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस और एनआरएलएम (NRLM) के अधिकारी अपनी मनमानी पर उतारू हैं। सिरौलीगौसपुर ब्लॉक और सफदरगंज इलाके की जनता त्रस्त है और अधिकारी मस्त हैं।”

“परसा तिराहे पर धरने पर बैठे जिलाध्यक्ष ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी थी कि अगर रामनगर रेंजर, बिजली विभाग के SDO और NRLM के क्लस्टर अधिकारी मौके पर आकर खुद जवाब नहीं देते, तो वे सीधे जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव करेंगे।
घड़ी की सुइयां टिक-टिक करती रहीं। सुबह 11 से दोपहर के 1:30 बज गए। ढाई घंटे तक किसान अधिकारियों की राह देखते रहे, लेकिन एयरकंडीशनर कमरों में बैठे साहबों को धूप में बैठे किसानों की सुध लेने की फुर्सत नहीं मिली।”

“आखिरकार किसानों के सब्र का बांध टूट गया। जिलाध्यक्ष के एक इशारे पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं और भारी संख्या में मौजूद महिलाओं ने परसा तिराहे से सीधे बाराबंकी जिला कार्यालय की तरफ पैदल मार्च शुरू कर दिया।
किसानों के इस गुस्से और पैदल मार्च की जानकारी मिलते ही सबसे पहले सफदरगंज थानाध्यक्ष अमर कुमार चौरसिया तुरंत भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बीच रास्ते में ही किसानों को रोकने की कोशिश की। इसके बाद जैसे ही जिला मुख्यालय तक यह खबर पहुंची, प्रशासनिक अमले के हाथ-पांव फूल गए।”

“मामले को बढ़ता देख सिरौलीगौसपुर के उपजिलाधिकारी (SDM) और रामनगर के वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) को खुद दौड़ते हुए मौके पर आना पड़ा। थानाध्यक्ष अमर कुमार चौरसिया, एसडीएम सिरौलीगौसपुर और रामनगर रेंजर ने किसानों के बीच पहुंचकर उन्हें काफी समझाया-बुझाया। अधिकारियों ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई का ठोस आश्वासन दिया, जिसके बाद जाकर मामला शांत हुआ।”

“लेकिन सवाल आज भी वही है कि आखिर सिरौलीगौसपुर तहसील और ब्लॉक के अधिकारी किसानों की समस्याओं को लेकर पहले ही गंभीर क्यों नहीं होते? क्यों हर बार अन्नदाता को अपने हक के लिए सड़कों पर उतरकर पैदल मार्च करने को मजबूर होना पड़ता है? उम्मीद है कि इस आंदोलन के बाद प्रशासन अपनी मनमानी बंद करेगा।”

संगठन में मुख्य रूप से महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष मंजू यादव युवा जिला अध्यक्ष आकाश यादव जिला उपाध्यक्ष तुफैल अहमद सुनील वर्मा करीम बक्स अंतिम वर्मा उमाशंकर सैनी बृजेश वर्मा के साथ-साथ तिलक राम गुप्ता जिला मीडिया प्रभारी मौजूद रहे।